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कौशाम्बी के परिषदीय विद्यालयों का चौंकाने वाला गूढ़ रहस्य 

कौशाम्बी के परिषदीय विद्यालयों का चौंकाने वाला गूढ़ रहस्य

मोबाइल चलाते मौके पर मिले दो अध्यापक विद्यालय में मौजूद है केवल बच्चे सात

उत्तर प्रदेश कौशांबी जिले में परिषदीय विद्यालयों में बड़ी गूढ रहस्य की बात है कि बच्चों की संख्या न होने के बाद भी अध्यापकों की ड्यूटी लगी और अध्यापक शिक्षण कार्य नहीं कर रहे हैं बल्कि मोबाइल चलाने में मस्त रहते हैं जिससे परिषदीय विद्यालयों का शिक्षण कार्य पूरी तरह से चौपट हो चुका है लेकिन उसके बाद भी मॉनिटरिंग करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की लापरवाही पर कार्यवाही करते नहीं दिख रहे हैं चौपट शिक्षा व्यवस्था की औचक निरीक्षण कर शिक्षा अधिकारी सुधार नहीं करना चाहते हैं शिकायत करने के बाद शिकायत करने वालो से सबूत चाहते हैं जिससे दोषी अध्यापक को वह संरक्षण दे सके ताजा मामला सिराथू विकासखंड क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय का है।

सिराथू विकासखंड क्षेत्र के गडरिया का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में तीन अध्यापक की तैनाती शिक्षा विभाग ने की हैं बताया जाता है कि जिसमें एक अध्यापक ट्रेनिंग में गए है और जो अध्यापक मौके पर विद्यालय परिसर में मिले है वह अध्यापक फील्ड में अलग-अलग जगह पर कुर्सी में बैठकर मोबाइल चलाते हुए दिखे शिक्षण कार्य से उनका जैसे कोई लेना देना नहीं है इस विद्यालय में मात्र सात ही बच्चे दिखे वह भी बच्चों के पास बैठकर रसोईया काम कर रही है ऐसा लग रहा है कि बच्चों को रसोईया ही पढ़ा रही है अगर अब देखा जाए तो सात बच्चों में तीन अध्यापक इसका मतलब है कि सरकार का लगभग प्रति माह 2 लाख रूपए सात बच्चों के पीछे शिक्षकों के वेतन पर खर्च हो रहा है और वह भी अध्यापक फील्ड में बैठकर मोबाइल चलाते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं आखिर इन लापरवाह अध्यापकों पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे या फिर शिक्षण कार्य से दूर रहने वाले अध्यापकों को संरक्षण दिया जाता रहेगा।

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